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केवल परमेश्वर को प्रेम करना ही वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करना है भाग एक




आज, जैसे तुम लोग परमेश्वर को जानने और प्रेम करने की कोशिश करते हो, एक प्रकार से तुम लोगों को कठिनाई और परिष्करण से होकर जाना होगा और दूसरे में, तुम लोगों को एक मूल्य चुकाना होगा। परमेश्वर को प्रेम करने के सबक से ज्यादा कुछ भी गहरा सबक नहीं है और ऐसा कहा जा सकता है कि सबक जो मनुष्य जीवन भर विश्वास करने से सीखते हैं वह परमेश्वर को किस प्रकार से प्रेम करना होता है। अर्थात् यदि तू परमेश्वर पर विश्वास करता है तो तुझे उसे प्रेम करना होगा।

Hindi Gospel Crosstalk | समूचे शहर पर इलेक्ट्रॉनिक नज़रें | Means of CCP's Persecution of Christians

Hindi Gospel Crosstalk | समूचे शहर पर इलेक्ट्रॉनिक नज़रें | Means of CCP's Persecution of Christians


जन सुरक्षा के नाम पर, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हर जगह इलेक्ट्रॉनिक आँखें लगा रही है, जिसका असली उद्देश्य मतभेद रखने वालों पर धावा बोलने और धार्मिक विश्वासियों पर अत्याचार करने के लिए उच्च-तकनीकी साधनों का उपयोग करना है। ऐसी तीव्र निगरानी के चलते ईसाई लोग ज़िंदा रहने की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मिश्रित वार्ता 'समूचे शहर में इलेक्ट्रॉनिक आँखें' में एक हास्यपूर्ण तरीके से दो लोगों के चपल और जीवंत अभिनय का उपयोग किया गया है, ताकि उस बुरे सत्य का खुलासा हो सके कि सीसीपी किस तरह से ईसाइयों पर नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रॉनिक आँखों का उपयोग करती है। साथ ही, सीसीपी द्वारा धर्म पर किये जानेवाले अत्याचारों के अंदरूनी काले रहस्य क्या हैं...

Hindi Christian Crosstalk | स्कूल में पूछताछ | The Proof of CCP's Persecution of Religious Freedom

Hindi Christian Crosstalk | स्कूल में पूछताछ | The Proof of CCP's Persecution of Religious Freedom


हास्य-वार्ता, 'स्कूल में पूछताछ' के ज़रिये उन सच्चाइयों को उजागर किया गया है जिनमें सीसीपी प्राथमिक विद्यालयों और पुलिस के साथ मिलकर बच्चों से कपट करती है, उन्हें डराती-धमकाती है, उनसे ज़बर्दस्ती अपराध स्वीकार करवाती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उनके माँ-बाप धार्मिक आस्था तो नहीं रखते। जब से सीसीपी सत्ता में आई है, तब से वह धार्मिक आस्था पर आक्रमण और उसका दमन करने में लगी है। ईसाइयों की छानबीन और गिरफ्तारी के लिये, आज उसके पापी हाथ स्कूली बच्चों तक पहुँच गए हैं।

परमेश्वर की इच्छा के प्रति सावधान रहना और पूर्णता को प्राप्त करना

जितना अधिक तू परमेश्वर की इच्छा के प्रति सचेत रहेगा, तेरा बोझ उतना अधिक हो जाएगा। तेरा बोझ जितना ज्यादा होगा, उतना तेरा अनुभव ज्यादा होगा। जब तू परमेश्वर की इच्छा के प्रति सचेत होता है, परमेश्वर इस बोझ को तुझे देगा, और तू परमेश्वर द्वारा उन बातों पर प्रबुद्ध किया जाएगा, जो उसने तुझे सौंपा है। परमेश्वर द्वारा यह बोझ तुझे दिए जाने के बाद, तुझे परमेश्वर के वचनों को खाते और पीते समय इस पहलु की सच्चाईयों पर ध्यान देना होगा। यदि तेरे ऊपर भाइयों और बहनों की जीवन दशा से जुड़ा बोझ है तो यह बोझ परमेश्वर ने तुझे सौंपा है, तब तेरी प्रतिदिन की प्रार्थना में भी यह बोझ हमेशा रहेगा। परमेश्वर जो करता ह वह तुझे सौंपा गया है, जिसे परमेश्वर करना चाहता है, उसे आगे ले जाने के लिए तू इच्छुक होगा, और यही अर्थ है परमेश्वर के बोझ को अपना बोझ समझना। इस बिंदु पर, तेरा परमेश्वर के वचन को खाना और पीना इन बातों के पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित करेगा, और तू सोचेगा, मैं कैसे इन बातों को हल करूंगा? कैसे मैं भाइयों और बहनों को उनकी आत्मा में आनंद प्राप्त करने के लिए, स्वतंत्र होने दूंगा।

Hindi Christian Skit | गांव के महापौर की सीमाएं | Why Are Christians Forced to Flee Their Homes?

Hindi Christian Skit | गांव के महापौर की सीमाएं | Why Are Christians Forced to Flee Their Homes?


लघु-नाटिका – 'गांव के महापौर की सीमाएं' एक ईसाई पति-पत्नी की सत्यकथा है जिन्हें सीपीपी सरकार की यातनाएँ गाँव छोड़कर भागने पर मजबूर कर देती हैं।

परमेश्वर में विश्वास रखने के कारण, सीपीपी ईसाई लियू मिंगेन को सात साल के लिये जेल में डाल देती है। जेल से रिहाई के बाद भी सीपीपी मिंगेन पर नज़र रखती है। गाँव का महापौर पाँच घरों की साझा ज़िम्मेदारी प्रणाली, सुरक्षा कैमरे, घर के चक्कर लगाने और दूसरे तरीकों से लियू मिंगेन को परमेश्वर में आस्था रखने से रोकता है, लेकिन ये सारी चीज़ें बेअसर साबित होती हैं। एक बार फिर महापौर के पास केंद्रीय पार्टी की अहम सरकारी सूचना आती है, उसके बाद लियू और उनकी पत्नी को परमेश्वर में आस्था रखने से रोकने वाले बयान पर दस्तख़त करने के लिये वह तरह-तरह के हथकंडे अपनाता है। लेकिन जब उसका कोई हथकंडा कामयाब नहीं होता, तो पुलिस उन पति-पत्नी को गिरफ्तार करने के लिये आती है। गिरफ्तारी से बचने और परमेश्वर में आस्था बनाए रखने के लिये, लियू मिंगेन और उनकी पत्नी घर छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।

सम्बन्धित पठन: प्रभु यीशु मसीह के वचन——आपको नये प्रकाश रोशनी में लाना——अधिक जानने के लिए क्लिक करें

Hindi Christian Movie | पार्टी की बात ख़त्म नहीं हुई है | Who Breaks Up Christians' Families?

Hindi Christian Movie | पार्टी की बात ख़त्म नहीं हुई है | Who Breaks Up Christians' Families?

ली मिंगाई मुख्यभूमि चीन में रहने वाली एक ईसाई है। वह एक ईमानदार चरित्र की महिला है जो अपने सास-ससुर का सम्मान करती है, अपने पति की सहायता करती है और अपने बेटे को शिक्षित बनाती है, उसका एक सुखी और खुशहाल परिवार है। हालांकि, चीन में नास्तिकता का नियंत्रण है, चीनी कम्युनिस्ट सरकार परमेश्वर में विश्वास करने वालों को बड़े पैमाने पर गिरफ्तार करती और सताती है। वर्ष 2006 में, परमेश्वर में विश्वास रखने के कारण ली मिंगाई को गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर जुर्माना लगाया गया। ली मिंगाई के घर लौटने के बाद, चीनी कम्युनिस्ट पुलिस अक्सर उसे और उसके परिवार को धमकाया करती और चेतावनी दिया करती थी, और ली मिंगाई को परमेश्वर में अपने विश्वास को जारी रखने से रोकने की कोशिश किया करती थी।

केवल परमेश्वर को प्रेम करना ही वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करना है

आज, जब तुम लोग परमेश्वर को जानने और प्रेम करने की कोशिश करते हो, तो एक ओर तुम लोगों को अवश्य कठिनाई और शुद्धिकरण को झेलना चाहिए और दूसरी ओर, तुम लोगों को एक क़ीमत अवश्य चुकानी चाहिए। परमेश्वर को प्रेम करने के सबक से ज्यादा गहरा कोई सबक नहीं है, और ऐसा कहा जा सकता है कि जीवन भर के विश्वास से लोग जिस सबक को सीखते हैं वह है कि परमेश्वर को किस प्रकार से प्रेम करें। कहने का अर्थ है यदि तुम परमेश्वर पर विश्वास करते हो तो तुम्हें उससे प्रेम अवश्य करना चाहिए।

Hindi Christian Movie | सुसमाचार दूत | Preach the Gospel and Make Disciples of All Nations

Hindi Christian Movie | सुसमाचार दूत | Preach the Gospel and Make Disciples of All Nations

ईसाई चेन यिशिन कई वर्षों से प्रभु में विश्वास करती रही है, और उसने अंत के दिनों में प्रभु यीशु—सर्वशक्तिमान परमेश्वर की वापसी का स्वागत करने का सौभाग्य पाया है! उसे इंसान को बचाने की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की उत्कट इच्छा समझ में आ गई और यह भी समझ में आ गया कि एक सृजित प्राणी का लक्ष्य और दायित्व क्या होना चाहिये। इसलिए उसने सुसमाचार का प्रचार और अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य की गवाही देनी आरंभ कर दी। इस कार्य के लिये वह शहर-शहर, प्रांत-प्रांत घूमने लगी। इस दौरान उसे धार्मिक मंडलियों के दमन और अस्वीकृति का भी सामना करना पड़ा। सीसीपी ने उसका पीछा किया, उसे यातना दी। उसने अनेक दुख और पीड़ाएँ सहीं। मगर परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन से वह अपने लक्ष्य पर डटी रही और बेख़ौफ़ तथा साहसपूर्वक आगे बढ़ती रही...

अनुशंसित: Best Hindi Gospel Song | "विजेताओं का गीत" | God's Promises

Hindi Christian Movie | जोखिम भरा है मार्ग स्वर्ग के राज्य का | God Is My Rock and My Salvation

Hindi Christian Movie | जोखिम भरा है मार्ग स्वर्ग के राज्य का | God Is My Rock and My Salvation

ईसाई झोंग ज़िन चीन की मुख्यभूमि की एक गृह कलीसिया का उपदेशक है। वह सच्‍चे मार्ग की जाँच करने और यह निर्धारित करने के लिए कि सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर ही प्रभु यीशु की वापसी हैं, अपने भाई-बहनों की अगुआई करता है। हालाँकि कुछ लोग सीसीपी सरकार के और धार्मिक मण्डलियों के लोगों के पागलों की तरह सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर की कलीसिया के विरोध और उसकी निंदा को देख कर घबरा जाते हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के वचनों को पढ़कर, और सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर की कलीसिया के गवाहों की संगति को सुनकर, वे मानव जाति के परमेश्‍वर की अवज्ञा करने के मूल कारणों को समझ जाते हैं, वे स्पष्ट रूप से देखते हैं कि स्‍वर्ग के राज्‍य का मार्ग इतनी कठिनाइयों से भरा हुआ क्‍यों है, और उनमें सीसीपी की शैतानी सत्‍ता और धार्मिक जगत के अगुआओं के सत्‍य से घृणा करने वाले, परमेश्‍वर विरोधी सार के बारे में विवेक आ जाता है। अंत में, झोंग ज़िन जैसे लोगों ने सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के राज्‍य के सुसमाचार को दृढ़तापूर्वक स्‍वीकार कर लिया है।

परमेश्वर से प्रेम-परमेश्वर के विश्वासियों को किस प्रकार की पीड़ा अवश्य सहनी चाहिए और पीड़ा का अर्थ।

परमेश्वर के विश्वासियों को किस प्रकार की पीड़ा अवश्य सहनी चाहिए और पीड़ा का अर्थ।

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
आज अधिकाँश लोग यह महसूस नहीं करत: वे मानते हैं कि दुःख उठाने का कोई महत्व नहीं है, वे संसार के द्वारा त्यागे जाते हैं, उनके पारिवारिक जीवन में परेशानी होती है, वे परमेश्वर के प्रिय भी नहीं होते, और उनकी अपेक्षाएँ काफी निराशापूर्ण होती हैं। कुछ लोगों के कष्ट एक विशेष बिंदु तक पहुँच जाते हैं, और उनके विचार मृत्यु की ओर मुड़ जाते हैं। यह परमेश्वर के लिए सच्चा प्रेम नहीं है; ऐसे लोग कायर होते हैं, उनमें बिलकुल धीरज नहीं होता, वे कमजोर और शक्तिहीन होते हैं!

मानवजाति को परमेश्वर में क्यों विश्वास करना चाहिए?

1. मानवजाति को परमेश्वर में क्यों विश्वास करना चाहिए?

परमेश्वर ने सभी चीज़ों की सृष्टि की थी, और इस प्रकार वह समूची सृष्टि को अपने प्रभुत्व के अधीन लाता है, और अपने प्रभुत्व के प्रति समर्पित करवाता है; वह सभी चीज़ों को आदेश देगा, ताकि सभी चीज़ें उसके हाथों में हों। परमेश्वर की सारी सृष्टि, जिसमें जानवर, पेड़-पौधे, मानवजाति, पहाड़ एवं नदियां, और झीलें शामिल हैं—सभी को उसके प्रभुत्व के अधीन आना होगा। आकाश एवं धरती पर की सभी चीज़ों को उसके प्रभुत्व के अधीन आना होगा।

10. परमेश्वर का प्रेम सर्वाधिक यथार्थ है

परमेश्वर का प्रेम सर्वाधिक यथार्थ है

वेंझोंग बीजिंग शहर
11 अगस्त 2012
21 जुलाई 2012 की रात को हमारे यहाँ एक भयावह बाढ़ आई थी। इस प्रकार की दुर्घटनाएं कभी कभी ही घटित होती है। मैंने इस दुर्घटना के दौरान क्या अनुभव किया और मैंने क्या देखा; उन सभी लोगों को बताना चाहती हूँ जो लोग परमेश्वर के लिए लालायित रहते हैं।

अंधकार के उत्पीड़न से होकर फिर उठ खड़ा हुआ

अंधकार के उत्पीड़न से होकर फिर उठ खड़ा हुआ

मो ज़िजिआन गुआंगडॉन्ग प्रदेश
मेरा जन्म एक गरीब, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र में हुआ था, जहाँ हम कई पीढ़ियों से अगरबत्ती जलाते व बुद्ध की पूजा करते आए थे। उस पूरे इलाके मेँ जगह-जगह बौद्ध मंदिर हैं जहां सभी परिवार अगरबत्ती जलाने जाया करते थे; वहां किसी ने भी कभी परमेश्वर पर विश्वास नहीं किया था। 1995 में, मैं और मेरी पत्नी देश के दूसरे हिस्से में थे जहां हम प्रभु यीशु पर विश्वास किया करते थे; हमारे वापस आने के बाद, हमने सुसमाचार को साझा करना शुरू कर दिया और धीरे—धीरे इसे स्वीकार करनेवाले लोगों की संख्या 100 से ज्यादा हो गई।

वह प्राण-शक्ति जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता

वह प्राण-शक्ति जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता

दांग मेई, हेनान प्रांत
मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ। मैं एक नीरस जीवन जीती थी। प्रकाश की लालसा रखने वाले कई लोगों की तरह, मैंने मानव-अस्तित्त्व के वास्तविक आशय की ख़ोज करने के कई तरीक़ों को आज़माया, ताकि मैं अपने जीवन को अधिक अर्थ दे सकूँ। अंत में, मेरे सभी प्रयास व्यर्थ रहे थे। लेकिन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करने के मेरे सौभाग्य के बाद, मेरे जीवन में चमत्कारी परिवर्तन हुए।

पश्चाताप के बिना युवावस्था का समय बिता दिया

पश्चाताप के बिना युवावस्था का समय बिता दिया

ज़ाओवेन, चॉन्गकिंग
"प्रेम एक शुद्ध भावना है, पवित्र बिना किसी भी दोष के। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए। प्रेम नियत नहीं करता, शर्तें, बाधाएँ या दूरी। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए। यदि तुम प्रेम करते हो, तो धोखा नहीं देते, शिकायत नहीं करते ना मुँह फेरते हो, बदले में कुछ पाने की, चाह नहीं रखते हो" (मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना में "शुद्ध प्रेम बिना दोष के")। परमेश्वर के वचन के इस भजन ने एक बार 7 साल व 4 महीने तक चलने वाली कैद में एक लंबी और खिंचने वाली जिंदगी के दर्द से गुजरने में मेरी मदद की थी।

पीड़ा से प्रेम की सुगंध उत्सर्जित होती है

पीड़ा से प्रेम की सुगंध उत्सर्जित होती है

ज़ियाओकाई, जियांग्ज़ी प्रांत
मैं एक साधारण ग्रामीण महिला हूँ और, केवल लड़कों को महत्व देने के सामंती विचार की वजह से, मैं लड़का पैदा नही करने के कारण शर्म से दूसरों के सामने सिर उठाने में असमर्थ थी। जब मैं बहुत अधिक पीड़ित थी, तभी मुझे प्रभु यीशु द्वारा चुना लिया गया और दो साल बाद, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उद्धार को स्वीकार कर लिया। इसके अलावा, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के भीतर से मुझे बहुत सच्चाई समझ में आई और मेरे हृदय को सच्ची मुक्ति मिली।

युवावस्था के शिखर-काल में कारावास

युवावस्था के शिखर-काल में कारावास

चेंग्ज़ी, हेबेई प्रांत
हर कोई कहता है कि हमारे यौवन-काल का मुख्य भाग जीवन का सबसे शानदार और सबसे निर्मल समय होता है। शायद कई लोगों के लिए, वे वर्ष खूबसूरत यादों से भरे होते हैं, लेकिन जिस बात की मैंने कभी उम्मीद भी नहीं की थी वह थी कि मैंने अपनी युवावस्था का शिखर-काल जेल में व्यतीत किया था। इसके लिए तुम मेरी ओर अजीब तरीके से देख सकते हो, लेकिन मुझे इसका अफ़सोस नहीं है। यद्यपि सलाखों के पीछे का वह समय कड़वाहट और आँसुओं से भरा था, किन्तु यह मेरे जीवन का सबसे मूल्यवान उपहार था, और मुझे इससे बहुत कुछ प्राप्त हुआ।

"भक्ति का भेद" (4) - केवल देहधारी परमेश्वर अंत के दिनों में न्याय का कार्य कर सकते हैं



Hindi Christian Video clip "भक्ति का भेद" (4) - केवल देहधारी परमेश्वर अंत के दिनों में न्याय का कार्य कर सकते हैं


चमकती पूर्वी बिजली यह गवाही देती है कि परमेश्वर ने स्वयं न्याय का कार्य करने के लिए अंत के दिनों में देहधारण किया है।

Hindi Christian Video clip "मर्मभेदी यादें" (3) - क्या आप वाकई पौलुस को समझते हैं?



Hindi Christian Video clip "मर्मभेदी यादें" (3) - क्या आप वाकई पौलुस को समझते हैं?



पिछले दो हज़ार सालों में, पौलुस उन सबके लिए अनुसरण करने का आदर्श बन गया है जो प्रभु में विश्वास करते हैं। लेकिन क्या हम वाकई पौलुस को समझते हैं? क्या हम वाकई प्रभु के लिए कड़ी मेहनत से किए गए पौलुस के कार्य के गोपनीय सत्य को जानते हैं? पौलुस की प्रकृति क्या है, और उसका सार क्या है? इस वीडियो से हमें असली पौलुस को समझने में सहायता मिलेगी!
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