Hindi Christian Song | क्या तुम परमेश्वर के कार्य को जानते हो? | Christ of the Last Days Has Come

Hindi Christian Song | क्या तुम परमेश्वर के कार्य को जानते हो? | Christ of the Last Days Has Come


काम देहधारी परमेश्वर का, दिखावटी नहीं है,

न ही किसी रहस्य में लिपटा है, लिपटा है।

जिस तरह एक और एक दो होता है, ये उतना ही सच्चा और असल है;

न तो ये छुपा है, न कोई छल है, न कोई छल है।

लोग जो देखते हैं वो यथार्थ है,
और जो पाते हैं, वो सत्य और ज्ञान भी, और ज्ञान भी।
काम जब अपने अंजाम तक पहुँचेगा,
तो परमेश्वर के बारे में उन्हें नया ज्ञान होगा,
जो सच्चे दिल से परमेश्वर को खोजते हैं,
उनकी सारी धारणाएं गुम हो चुकी होंगी।
ये उसके काम का असर महज़ चीनियों पर नहीं है,
बल्कि पूरी इंसानियत को जीतने में 
उसके विजय-कार्य के असर को भी प्रतिबिम्बित करता है।

क्योंकि यह देह, उसका कार्य, हर चीज़ उसकी,
किसी भी चीज़ से ज़्यादा हितकारी है उसके विजय-कार्य में।
वो आज भी हितकारी हैं और कल भी हितकारी होंगे।
ये देह जीत लेगा सभी को और प्राप्त कर लेगा हर इंसान को।
परमेश्वर को देखने-समझने, उसकी आज्ञा मानने से 
बेहतर नहीं है कोई काम इंसान के लिए।
जो सच्चे दिल से परमेश्वर को खोजते हैं,
उनकी सारी धारणाएं गुम हो चुकी होंगी।
ये उसके काम का असर महज़ चीनियों पर नहीं है,
बल्कि पूरी इंसानियत को जीतने में 
उसके विजय-कार्य के असर को भी प्रतिबिम्बित करता है।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

वीडियो देखें: यहाँ पर समृद्ध ईसाई गीत हैं, जो आपके लिए एक नया दृश्य-श्रव्य मनोरंजन लाता हैं।

खटखटाओ और तुम्हारे लिए द्वार खोला जायेगा


खटखटाओ और तुम्हारे लिए द्वार खोला जायेगा


किंग टिंग द्वारा, चीन



1989 में, मैंने अपनी माँ के साथ प्रभु यीशु के सुसमाचार को स्वीकार किया। जब मैंने प्रभु में विश्वास करना शुरू किया, तब अक्सर सभाओं में भाग लेने और धर्मशास्त्रों को पढ़ने के माध्यम से, मुझे पता चला कि यह परमेश्वर था जिसने स्वर्ग, पृथ्वी और उसमें सबकुछ बनाया था, और उसने मानवजाति बनाई थी, और यह परमेश्वर है जो मानवजाति के लिए सबकुछ प्रदान करता है। उस समय प्रचारक अक्सर हमें बताते थे, "चाहे कितनी भी मुश्किलें हों, जब तक हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं, परमेश्वर हमारी मदद करेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभु ने कहा, 'माँगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूँढ़ो तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। क्योंकि जो कोई माँगता है, उसे मिलता है; और जो ढूँढ़ता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा' (मत्ती 7:7–8)। प्रभु भरोसेमंद हैं, इसलिए यदि हमें कठिनाइयाँ होती हैं और हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं, तो प्रभु हमारी प्रार्थनाओं को सुनेंगे।

केवल परमेश्वर को प्रेम करना ही वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करना है भाग एक




आज, जैसे तुम लोग परमेश्वर को जानने और प्रेम करने की कोशिश करते हो, एक प्रकार से तुम लोगों को कठिनाई और परिष्करण से होकर जाना होगा और दूसरे में, तुम लोगों को एक मूल्य चुकाना होगा। परमेश्वर को प्रेम करने के सबक से ज्यादा कुछ भी गहरा सबक नहीं है और ऐसा कहा जा सकता है कि सबक जो मनुष्य जीवन भर विश्वास करने से सीखते हैं वह परमेश्वर को किस प्रकार से प्रेम करना होता है। अर्थात् यदि तू परमेश्वर पर विश्वास करता है तो तुझे उसे प्रेम करना होगा।

तुम लोगों को कार्य समझना होगा; उलझकर इसके पीछे नहीं चलो!

वर्तमान में ऐसे कई लोग हैं जो एक उलझे हुए तरीके से आस्था रखते हैं। तुम लोगों की जिज्ञासा बहुत बड़ी है, अपने आशिषों को प्राप्त करने की तुम लोगों की इच्छा बहुत बड़ी है, और जीवन को आगे बढ़ाने की तुम लोगों की इच्छा बहुत छोटी है। आजकल, यीशु के विश्वासी उत्साह से भरे हुए हैं। यीशु उनका अपने स्वर्गीय घर में स्वागत करने जा रहा है—क्या वे विश्वास नहीं कर सकते? कुछ लोग अपने पूरे जीवन में विश्वासी बने रहते हैं, कुछ लोगों का विश्वास बीस से अधिक वर्षों के लिए बना रहता है, या चालीस या पचास वर्षों के लिए बना रहता है; वे बाइबल पढ़ते हुए कभी थकते नहीं हैं।

मानव जाति के प्रबंधन का उद्देश्य

यदि लोग वास्तव में मानव जीवन के सही मार्ग को और साथ ही परमेश्वर के मानव जाति के प्रबंधन के उद्देश्य को पूरी तरह से समझ सकते हैं, तो वे अपने व्यक्तिगत भविष्य और भाग्य को अपने दिल में एक खजाने के रूप में थामे नहीं रहेंगे। वे अब और अपने माता-पिता की सेवा करना नहीं चाहेंगे, जो सूअरों और कुत्तों से भी बदतर हैं। क्या मनुष्य के भविष्य और भाग्य ठीक वर्तमान समय के पतरस के तथाकथित "माता-पिता" नहीं हैं? वे मनुष्य के अपने मांस और रक्त की तरह हैं।

राज्य का युग वचन का युग है

राज्य का युग वचन का युग है
राज्य के युग में, परमेश्वर नए युग की शुरूआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने और संपूर्ण युग के लिये काम करने की ख़ातिर अपने वचन का उपयोग करता है। वचन के युग में यही वह सिद्धांत है जिसके द्वारा परमेश्वर कार्य करता है। वह देहधारी हुआ ताकि विभिन्न दृष्टिकोणों से बातचीत कर सके, मनुष्य वास्तव में परमेश्वर को देख सके, जो देह में प्रकट होने वाला वचन है, उसकी बुद्धि और चमत्कार को जान सके। उसने यह कार्य इसलिए किये ताकि वह मनुष्यों को जीतने, उन्हें पूर्ण बनाने और ख़त्म करने के लक्ष्यों को बेहतर ढंग से हासिल कर सके।

पवित्र आत्मा का कार्य और शैतान का कार्य

तुम आत्मा के सुनिश्चित विवरणों को कैसे समझते हो? पवित्र आत्मा मनुष्य में कैसे कार्य करता है? शैतान मनुष्य में कैसे कार्य करता है? दुष्ट आत्माएँ मनुष्य में कैसे कार्य करती हैं? और इस कार्य के प्रकटीकरण क्या हैं? जब तुम्हारे साथ कुछ घटित होता है, तो क्या यह पवित्र आत्मा की ओर से होता है, और क्या तुम्हें उसे मानना चाहिए या ठुकरा देना चाहिए?

परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है

परमेश्वर भिन्न-भिन्न युगों के अनुसार अपने वचन कहता है और अपना कार्य करता है, तथा भिन्न-भिन्न युगों में, वह भिन्न-भिन्न वचन कहता है। परमेश्वर नियमों से नहीं बँधता है, और एक ही कार्य को दोहराता नहीं है, और न अतीत की बातों को लेकर विषाद करता है; वह ऐसा परमेश्वर है जो सदैव नया है, कभी पुराना नहीं होता है, और वह हर दिन नये वचन बोलता है, जिसका आज पालन किया जाना चाहिए यही मनुष्य की जिम्मेदारी और कर्तव्य है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि अभ्यास परमेश्वर की वर्तमान रोशनी और वास्तविक वचनों के आस-पास केन्द्रित हो।

परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का अभ्यास

मनुष्य के बीच परमेश्वर का कार्य मनुष्य से अवियोज्य है, क्योंकि मनुष्य इस कार्य का लक्ष्य है, और परमेश्वर के द्वारा रचा गया एकमात्र ऐसा प्राणी है जो परमेश्वर की गवाही दे सकता है। मनुष्य का जीवन और मनुष्य के समस्त क्रियाकलाप परमेश्वर से अवियोज्य हैं, और उन सब को परमेश्वर के हाथों के द्वारा नियन्त्रित किया जाता है, और यहाँ तक कि यह भी कहा जा सकता है कि कोई भी व्यक्ति परमेश्वर से स्वाधीन होकर अस्तित्व में नहीं रह सकता है। कोई भी इसे नकार नहीं सकता है, क्योंकि यह एक तथ्य है। वह सब कुछ जो परमेश्वर करता है मनुष्यजाति के लाभ के लिए है, और शैतान के षडयन्त्रों की ओर निर्देशित है।

बाइबल के विषय में (4)

बहुत से लोग यह विश्वास करते हैं कि बाइबल को समझना और उसकी व्याख्या करने में समर्थ होना सच्चे मार्ग की खोज करने के समान है—परन्तु वास्तव में, क्या ये चीज़ें इतनी सरल हैं? बाइबल की सच्चाई को कोई नहीं जानता हैः कि यह परमेश्वर के कार्य के ऐतिहासिक अभिलेख, और परमेश्वर के कार्य के पिछले दो चरणों की गवाही से बढ़कर और कुछ नहीं है, और तुम्हें परमेश्वर के कार्य के लक्ष्यों की कोई समझ नहीं देता है। जिस किसी ने भी बाइबल को पढ़ा है वह जानता है कि यह व्यवस्था के युग और अनुग्रह के युग के दौरान परमेश्वर के कार्य के दो चरणों को प्रलेखित करता है।