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Hindi Christian Video | सत्रह? जाहिल कहीं के! | True Story of CCP's Persecution of a Young Christian

Hindi Christian Video | सत्रह? जाहिल कहीं के! | True Story of CCP's Persecution of a Young Christian

"बच्चे! क्या तुम जानते हो कि कम्युनिस्ट पार्टी नास्तिक है और परमेश्वर में विश्वास करने के खिलाफ है? चीन में, कौन सा परमेश्वर है जिस पर तुम विश्वास करते हो? तुम्हारा यह परमेश्वर कहां है?’’ "यह मत समझो कि तुम बच्चे हो, हम तुम पर दया करेंगे! अगर तुम परमेश्वर में विश्वास करना जारी रखते हो, तो तुम्हें जान से मार दिया जायेगा!" हाथों में बिजली की छड़ें लेकर चीनी कम्युनिस्ट पुलिस इस लड़के के पीछे भागती है जिसका शरीर घावों से भरा है।

Hindi Christian Movie | मौत के मुंह से | Christian Experience of the Wonderful Salvation of God

Hindi Christian Movie | मौत के मुंह से | Christian Experience of the Wonderful Salvation of God


अठत्तर साल की बूढी लियू झेन, एक आम देहाती गृहिणी है। परमेश्वर में विश्वास करने के बाद से, उसे हर दिन परमेश्वर के वचन पढ़ने, उनकी यशगान स्तुति करने और अक्सर अपने भाई-बहनों के साथ संगति करने में अनिर्वचनीय आनंद की अनुभूति होती … लेकिन हर अच्छी चीज़ अस्थाई होती है। उसे चीनी कम्युनिस्ट सरकार गिरफ्तार कर यातना देती है और एक भयंकर स्थिति में डाल देती है। पुलिस उसे तीन बार पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाती है और उसे चेतावनी देती है कि वह अब परमेश्वर में विश्वास करना छोड़ दे। वे उसकी निगरानी करते हैं और उसे डराने के लिए उसके घर पहुँच जाते हैं। चीनी कम्युनिस्ट सरकार के दबाव में आकर, उसका पति, बेटा और बहू भी परमेश्वर में उसके विश्वास का विरोध करते हैं और उस पर पाबंदी लगा देते हैं।

An Amazing Christian Testimony | Hindi Gospel Movie "विपरीत परिस्थितियों में मधुरता" (Hindi Dubbed)

An Amazing Christian Testimony | Hindi Gospel Movie "विपरीत परिस्थितियों में मधुरता" (Hindi Dubbed)

सीसीपी पुलिस द्वारा हान लू की निगरानी की गई और उसका पीछा किया गया, जिसके कारण उसे बंदी बना लिया गया था। पुलिस अधिकारियों ने उस पर निर्ममता से अत्‍याचार किए, और परमेश्‍वर को नकारने तथा उसके साथ विश्‍वासघात करने के लिए उसे विवश करने का प्रयास करने हेतु उसका ब्रेनवॉश करने का प्रयास करने के लिए अफवाहों का भी उपयोग किया, उसे बाध्य करने का प्रयास करने के लिए उसके परिवार का, और उसे धमकाने का प्रयास करने के लिए अन्‍य घृणित तरीकों का उपयोग किया। हालाँकि, यातनाओं के अधीन कई पूछताछों में भी हान लू, परमेश्‍वर के वचन के मार्गदर्शन में, ज़िंदा बच निकलीं और उसने सीसीपी की कई अफवाहों और भ्रांतियों का सत्‍य के साथ खंडन किया। सीसीपी के उत्‍पीड़न के कटु वातावरण में एक सुंदर व ज़बर्दस्‍त गवाही निर्मित हो गई है ...

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Hindi Christian Video | जाग्रत | The Word of God Leads Me to Walk on the Right Path of Life

Hindi Christian Video | जाग्रत | The Word of God Leads Me to Walk on the Right Path of Life

इनका नाम चेन शी हैं। बचपन से ही अपने प्रशिक्षण और अभिभावकों तथा स्‍कूली शिक्षा के प्रभाव की वजह से, वे हमेशा भीड़ से अलग दिखने और दूसरों से बेहतर होने की कोशिश में रहती थीं। इसलिये वे लगन से अपनी पढ़ाई करतीं और मेहनत करने में कोई कमी न उठा रखतीं। सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर में विश्‍वास करने के बाद, परमेश्‍वर के ढेरों वचन पढ़ने पर कुछ सत्‍यों की चेन शी को समझ आई। उन्‍होंने देखा कि जीवन में एकमात्र सही मार्ग परमेश्‍वर में विश्‍वास करना और उनका अनुसरण करना है और वे एक उत्‍साही अनुयायी बन गईं तथा अपने कर्तव्‍य निभाने में वे अग्रसक्रिय थीं।

Hindi Gospel Movie | मैं एक नेक इंसान हूँ! | How to Be Good People in the Eyes of God

Hindi Gospel Movie | मैं एक नेक इंसान हूँ! | How to Be Good People in the Eyes of God

ईसाई धर्म में आस्था रखने वाली यांग हुईशिन को बचपन से ही एक अच्छा इंसान बनना पसंद था। उसे किसी को नाराज़ करना अच्छा नहीं लगता। वह मानती है कि वह एक अच्छी इंसान है, क्योंकि वह दयालु है और सबके साथ सहमति बनाकर चलती है। लेकिन अंत के दिनों के परमेश्वर के सुसमाचार को स्वीकारने और परमेश्वर के वचनों के न्याय और ताड़ना से गुज़रने के बाद ही, उसमें एक जागृति आती है। उसे अहसास होता है कि वह सचमुच एक अच्छी इंसान नहीं है। बल्कि वह शैतानी फलसफों के अनुसार जीती है, और बेहद ख़ुदगर्ज़, धूर्त "शरीफ इंसान" है। वह दिल में सत्य की खोज करने और ऐसी अच्छी इंसान बनने का संकल्प लेती है जो ईमानदार और सच्चा हो... यांग हुईशिन को ऐसे क्या अनुभव हुए जिनके कारण उसके अंदर ऐसा रूपांतरण हुआ?

वीडियो देखें: परमेश्वर का वचन यहाँ है - जीवन और आध्यात्मिक आपूर्ति

Hindi Christian Movie | इंसान का आचरण | Only the Honest Are Truly Good People (Hindi Dubbed)

Hindi Christian Movie | इंसान का आचरण | Only the Honest Are Truly Good People (Hindi Dubbed)

बचपन से ही चेंग जियांगगुआंग के माता-पिता और अध्यापकों ने उसे सिखाया था "मिल-जुलकर रहना पूँजी है, सहनशीलता एक सदगुण है," "अच्छे दोस्तों के दोषों पर चुप रहने से दोस्ती अच्छी और लम्बी चलती है," "गलत होते देखकर भी ज़बान बंद रखो।" जैसी बातों का पालन करने से लोगों के साथ संबंध मधुर बने रहते हैं। उसने इन बातों को गांठ बांध लिया कि कभी किसी को अपने कामों या बातों से नाराज़ नहीं करना है, और हमेशा लोगों से अपने रिश्ते बनाए रखने का ख़्याल करना है, और अपने आस-पास के लोगों में एक "अच्छे इंसान" की छवि बनाये रखनी है।

Hindi Christian Movie | ईमानदारी अनमोल है | Only the Honest Can Enter Into the Kingdom of Heaven

Hindi Christian Movie | ईमानदारी अनमोल है | Only the Honest Can Enter Into the Kingdom of Heaven

झेन चेंग एक उपकरण मरम्मत की दुकान का मालिक थाI वह दयालु, ईमानदार था और कायदे से कारोबार करता थाI वह कभी किसी की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश नहीं करता था, बल्कि वह अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मुश्किल से ही पैसा कमा पा रहा थाI कुछ समय बाद, उसके परिवार के सदस्य और एक साथी व्यापारी ने उसे कारोबार के हथकंडों को आजमाने के लिए उकसाया, और झेन चेंग उस कहावत पर विश्वास करने लगा जो एक शैतानी सिद्धांत को दर्शाती है: "बिना दूसरी आमदनी के आदमी कभी अमीर नहीं बन सकता, जैसे कि घोड़ा अगर रात में अपने तबेले में भूखा रहेगा तो कभी उसका वजन नहीं बढ़ेगाI" "मजबूत आदमी खा-खा कर मरता है; और कमजोर आदमी भूख से," "पैसा सब कुछ नहीं है, लेकिन इसके बगैर तुम कुछ भी नहीं कर सकतेI" और "पैसा सबसे पहले हैI" झेन चेंग ने अपने उस अच्छे विवेक को खो दिया जिसने पहले उसका पथ-प्रदर्शन किया था और वह ज़्यादा से ज़्यादा पैसा कमाने के गलत तरीकों को इस्तेमाल करने लगाI यूँ तो उसने पहले से ज्यादा पैसा कमाया, और उसके जीवन स्तर में भी इजाफा भी हुआ, लेकिन झेन चेंग नाखुश था और खालीपन महसूस कर रहा था; जीवन खोखला और कष्टों से भरा हुआ थाI
जब झेन चेंग ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया, उसको परमेश्वर के वचन से यह समझ में आ गया कि परमेश्वर ईमानदार लोगों से प्रेम करते हैं और धोखा देने वालों से घृणा करते हैंI झेन चेंग को यह भी समझ आ गया कि सिर्फ ईमानदार व्यक्ति होना ही एक सच्चे इंसान की तरह व्यवहार करने का और परमेश्वर की प्रशंसा पाने का एकमात्र रास्ता है, इसलिए उसने एक ईमानदार व्यक्ति बनने की कसम खा लीI हालाँकि, असल जीवन में ईमानदार होना बहुत ही कठिन सिद्ध हुआ: कलीसिया में भाइयों और बहनों के साथ, वह साफ़-साफ़ कहने वाला व्यक्ति था जैसा कि उसको होना भी चाहिए था, लेकिन अगर ऐसा ही व्यवहार वह अपने कारोबार में भी करता, तो क्या वह ज्यादा पूंजी बना पायेगा? शायद वह सिर्फ कम पैसा ही नहीं बनाएगा, बल्कि कुछ और भी नुकसान उठा सकता है और शायद उसकी दुकान भी बंद हो सकती है......इन सब परेशानियों को झेलते हुए, क्या झेन चेंग अपने कारोबार को ईमानदारी के साथ चला सकेगा? क्या कुछ अनचाहे मोड़ और परिवर्तन इस प्रक्रिया में आयेंगे? उसका सबसे बड़ा इनाम क्या होगा?...



सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया में जीवन का प्रकाशमान पथ ढूँढना

Hindi Christian Family Movie | "बच्चे, घर लौट आओ" | God Saved Me From Video Games

Hindi Christian Family Movie | "बच्चे, घर लौट आओ" | God Saved Me From Video Games

लाइ शिंगुआंग वरिष्ठ हाई स्कूल का छात्र है। बहुत छोटी उम्र में वह एक समझदार और सुशील लड़का था। उसके माता-पिता और शिक्षक उसको बहुत चाहते थे। माध्यमिक शाला में जाते समय वह इंटरनेट कंप्यूटर खेलों में आसक्त हो गया था। वह इंटरनेट कैफे जाने के लिए अक्सर अपनी कक्षाएं छोड़ने लगा। उसके माता-पिता ने उसकी इंटरनेट गेमिंग की लत छुड़वाने में उसकी मदद करने की भरसक कोशिश की। दुर्भाग्य से लाइ शिंगुआंग की लत बुरी से और अधिक बुरी हो गयी। वह हतोत्साहित हो गया और धीरे-धीरे एक बदमाश लड़के में बदल गया.....। जब लाइ शिंगुआंग के माता-पिता को लगा कि वे अब कुछ नहीं कर पायेंगे, तब उन्होंने सुना कि परमेश्वर लोगों की रक्षा करने, इंटरनेट गेम की लत तोड़ने और शैतान के भ्रष्टाचार के चंगुल से छूटने में मदद करने में सक्षम हैं। परिणामस्वरूप, उन्होंने परमेश्वर में विश्वास करने का निर्णय लिया और परमेश्वर द्वारा अपने पुत्र की रक्षा की आशा करने लगे। परमेश्वर के वचनों से उन्होंने मानवजाति के भ्रष्टाचार और चरित्रहीनता के स्रोत के बारे में जाना। उन्होंने मनुष्य के अंधकार और बुराई के सत्य को देखा और जाना कि केवल परमेश्वर ही लोगों की रक्षा कर सकता है और शैतान के ढाये भ्रष्टाचार और कष्टों से छुटकारा दिला सकता है। शिंगुआंग को बस इतना करना था कि परमेश्वर में विश्वास करे और सत्य को समझे, और फिर वह अपनी इंटरनेट की लत को छोड़ पायेगा। परिणामस्वरूप, उन्होंने शिंगुआंग तक सुसमाचार पहुंचाया और शिंगुआंग को परमेश्वर के वचन पढ़ने को प्रेरित किया। उन्होंने परमेश्वर से प्रार्थना की और उनसे अपने पुत्र की रक्षा करने और इंटरनेट गेम की लत छोड़ने में उसकी मदद करने की याचना की...। थोड़े झगड़े-फसाद के बाद, शिंगुआंग ने परमेश्वर से प्रार्थना शुरू कर दी और उन पर भरोसा करने लगा। परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन में, अंत में उसने अपनी इंटरनेट गेम की लत को छोड़ दिया और शैतान के भ्रष्टाचार और कष्ट से स्वयं को छुड़ा लिया। यह बेटा जो इंटरनेट गेम और इंटरनेट कैफे में बुरी तरह खोया हुआ था, आखिरकार घर लौट आया।

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Hindi Christian Testimony Video | परमेश्‍वर के आशीष | The Wonderful Salvation of God in Disasters

Hindi Christian Testimony Video | परमेश्‍वर के आशीष | The Wonderful Salvation of God in Disasters

लोग अक्सर कहते हैं कि "तूफान बिना चेतावनी के आते हैं और दुर्भाग्य रातों-रात मनुष्य को तबाह कर देता है।" हमारे वर्तमान युग में जब विज्ञान, आधुनिक परिवहन और भौतिक सम्पत्ति का तेजी से विस्तार कर रहा है, हमारे चारों ओर हो रही आपदाएं भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। जब हम समाचार पत्र को खोलते हैं या टीवी को चालू करते हैं, तो मुख्यतौर पर हमें: युद्ध, भूकंप, सुनामी, तूफान, आग, बाढ़, हवाई दुर्घटना, खदान दुर्घटनाएं, सामाजिक अशांति, हिंसक संघर्ष, आतंकवादी हमले आदि देखने को मिलते हैं। हम प्राकृतिक प्रकोप और मानव-निर्मित आपदाओं को देखते हैं। ये आपदाएं अक्सर होती रहती हैं और तेजी से तीव्र होती जा रही हैं। आपदा के यह हमले अपने साथ, पीड़ा, रक्त, अपंगता और मौत लेकर आते हैं। जीवन की अल्‍पता और दुर्बलता पर जोर देते हुए, दुर्भाग्य हर समय हमारे आसपास घटित होते रहते हैं। भविष्य में हमें किस तरह की आपदाओं का सामना करना पड़ेगा, इसका अनुमान लगाने का कोई तरीका नहीं है। इसके अलावा, हम यह भी नहीं जानते कि हमें किस प्रकार की कार्रवाई करनी चाहिए। मानवता के सदस्य के रूप में, इन आपदाओं से मुक्त होने के लिए हमें क्या करना चाहिए? इस कार्यक्रम में, आपको उत्तर मिल जायेगा। आपको परमेश्वर का बचाव प्राप्त करने का एकमात्र मार्ग मिल जायेगा जिससे कि आप आसन्‍न आपदाओं से बच सकें।


प्रभु यीशु का दूसरा आगमन - चमकती पूर्वी बिजली

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Hindi Gospel Movie | पकड़ ली आखिरी गाड़ी | Welcome the Appearance and Work of Christ of the Last Days


Hindi Gospel Movie | पकड़ ली आखिरी गाड़ी | Welcome the Appearance and Work of Christ of the Last Days

चेन पेंग एक गृह कलीसिया में एक पादरी था। उसने हमेशा पूरी लगन से प्रभु की सेवा की थी, और अक्सर प्रचारक के रूप में कार्य करता था। वह अपने अनुयायियों की सहायता करता और कलीसिया की बड़ी-बड़ी ज़िम्मेदारियाँ उठाता था। लेकिन हाल के वर्षों में, कलीसिया वीरान होती चली गई। विश्वासी कायर और निकम्मे हो गए थे और लगातार बैठकों से गायब रहने लगे थे। इस तरह, पादरी चेन को भी लगने लगा था कि उसकी आत्मा पर अंधेरा छा रहा है, मानो उसकी आत्मा का कुआं सूख गया है, और अब वह प्रभु की उपस्थिति को महसूस नहीं कर पा रहा है। बैठकों में उसे महसूस होने लगा कि अब प्रचार के लिये उसके पास कुछ नहीं बचा... उसने कलीसिया में जान फूँकने की भरसक कोशिश की, लेकिन उसके सारे प्रयास बेकार साबित हुए... चेन पेंग बेहद दुखी था, वह गुम-सा हो गया। वह समझ नहीं पाया कि उसकी कलीसिया इतनी वीरान क्यों हो गई। उसमें से प्रभु की उपस्थिति गायब कैसे हो गई।

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

26.जब प्रभु यीशु को सलीब पर चढ़ाया गया तो उसने कहा, "यह समाप्त हो गया" जो दर्शाता है कि मानवजाति के लिए परमेश्वर का उद्धार का कार्य पूरा हो गया था। तो आप कैसे कह सकते हैं कि परमेश्वर ने मानवजाति का न्याय करने, उसे शुद्ध करने और बचाने के लिए कार्य का एक और चरण किया है?

जब यीशु आया, तो उसने भी परमेश्वर के कार्य का एक भाग पूरा किया, और कुछ वचनों को कहा—किन्तु वह कौन सा प्रमुख कार्य था जो उसने सम्पन्न किया? उसने मुख्यरूप से जो संपन्न किया, वह था सलीब पर चढ़ने का कार्य। क्रूस पर चढ़ने का कार्य पूरा करने और समस्त मानवजाति को छुटकारा दिलाने के लिए वह पापमय शरीर की समानता बन गया, और यह समस्त मानवजाति के पापों के वास्ते था कि उसने पापबलि के रूप में सेवा की। यही वह मुख्य कार्य है जो उसने सम्पन्न किया।

न्याय क्या है-यह जानना कि मैं फरीसियों के मार्ग पर चलती आई हूँ

यह जानना कि मैं फरीसियों के मार्ग पर चलती आई हूँ

वुज़िन ताइयुआन सिटी, शांग्ज़ी प्रांत
कोई चीज़ जिसके बारे में हमने पिछले संवादों में हमेशा चर्चा की है, वह है पतरस और पौलुस द्वारा चले गए मार्ग। यह कहा जाता है कि पतरस ने स्वयं को और परमेश्वर को जानने पर ध्यान दिया था, और ऐसा व्यक्ति था जो परमेश्वर द्वारा अनुमोदित था, जबकि पौलुस ने केवल अपने कार्य, प्रतिष्ठा और हैसियत पर ध्यान दिया था, और ऐसा व्यक्ति था जो परमेश्वर द्वारा तिरस्कृत था।

पवित्र आत्मा का कार्य-व्यक्तिगत प्रतिशोध का स

11. व्यक्तिगत प्रतिशोध का स

झोउलीजिंटाईशहर, शान्डोंगप्रांत
कुछ समय पहले हमे अपने क्षेत्र में ज़िलों का चयन करना पड़ता था, और अगुआओं को चुनने के लिए हमारे सिद्धांतों के आधार पर एक भाई होता था जो तुलनात्मक तौर पर एक उपयुक्त उम्मीदवारहोता था। मैंने उसे ज़िले का अगुआ बनाने की तैयारी कर ली। एक दिन मैं जब इस भाई के साथ बातचीत कर रही थी;उसने उल्लेख किया कि वह ऐसा महसूस करता था कि मै अपने काम में अत्यधिक व्यस्त हो गयी थी, बहुत अधिक, और मेरे साथ बैठने में कुछ आनंद नहीं आ रहा था... जब मैंने यह सुना, मुझे लगा कि मैं बहुत घटिया हूँ। मुझे बहुत बुरा लगा; मैंने तुरंत ही इस भाई के लिए एक धारणा विकसित कर ली, और उसके बाद मैंने उसे ज़िला के अगुआ के रूप में आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं बनाई।

परमेश्वर का कार्य-बेड़ियों को तोड़ना

16. बेड़ियों को तोड़ना

झेंग्ज़ी झेंगझोउ शहर, हेनान प्रांत
दस साल पहले, अपनी अहंकारी प्रकृति के कारण, मैं कभी भी कलीसिया की व्यवस्थाओं का पूरी तरह से पालन करने में सक्षम नहीं थी। अगर मुझे उपयुक्त लगा तो मैं उसका पालन करती थी, लेकिन अगर मुझे नहीं लगा तो मैं चुना करती थी कि उसका पालन करना है या नहीं। इसके परिणामस्वरूप अपने कर्तव्य को पूरा करने के दौरान कार्य की व्यवस्थाओं का गंभीरता से उल्लंघन होता था। मैं अपने खुद के काम करती थी और परमेश्वर के स्वभाव का अपमान करती थी, और बाद में मुझे घर भेज दिया गया था।

परमेश्वर का कार्य-बचाय जाने के बारे में समझ

बचाय जाने के बारे में समझ

लिंग क्वींग ग्विंग्ज़्हौ नगर, षंडोंग प्रांत
इन अनेक वर्षों में परमेश्वर का अनुसरण करते हुए, मैंने अपने परिवार और देह के आनंदों को त्याग दिया है, और मैं पूरा दिन कलीसिया में अपना कार्य करने में व्यस्त रही हूँ। इसलिए मैं मानती हूँ: जब तक मैं कलीसिया में मुझे सौंपे गए काम को छोड़ती नहीं हूँ, परमेश्वर को धोखा नहीं देती हूँ, कलीसिया को छोड़ती नहीं हूँ, और अंत तक परमेश्वर का अनुसरण करती हूँ, परमेश्वर मुझे क्षमा करेगा और मैं परमेश्वर द्वारा बचाई जाती रहूंगी। मैं यह भी मानती थी कि मैं परमेश्वर द्वारा मुक्ति के मार्ग पर चल रही हूँ, और मुझे बस इतना करना है कि मुझे अंत तक उसका अनुसरण करना है।

44. मैं सभी का पर्यवेक्षण स्वीकार करने की इच्छुक हूँ

 मैं सभी का पर्यवेक्षण स्वीकार करने की इच्छुक हूँ

ज़िआंशैंग जिंझॉन्ग शहर, शांग्ज़ी प्रांत
कुछ समय पहले, जब भी मैं सुनती थी कि जिले के उपदेशक हमारे कलीसिया में आ रहे हैं, तो मैं थोड़ा बेचैन महसूस करती थी। मैं बाहरी तौर पर अपनी भावनाएँ प्रकट नहीं करती थी, लेकिन मेरा दिल गुप्त विरोध से भरा हुआ होता था। मैंने सोचती थी कि: "अच्छा होगा कि तुम सब लोग न आओ। अगर तुम लोग आते हो, तो कलीसिया में कम से कम मेरे साथ कार्य मत करो।

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

 "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत
अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्वासघात करना है, कलीसिया को छोड़ना, या अपने कर्तव्य से दूर भागना है। मैं सोचता था कि ये व्यवहार ही विद्रोह का निर्माण करते हैं। इसलिए, जब भी मैं लोगों को इस तरह के व्यवहार में शामिल हुआ सुनता था, तो मैं खुद को याद दिलाया करता कि मुझे इन लोगों की तरह परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह नहीं करना चाहिए।

47. खोज के पीछे छुपे रहस्य

खोज के पीछे छुपे रहस्य

ली ली डेझोउ शहर, शैंडॉन्ग प्रांत
कुछ समय पहले, मुझे परमेश्वर द्वारा उठाया गया और क्षेत्र के कार्यकर्ता के रूप में प्रोन्नत कर दिया गया। एक दिन, जब मैं अपने सह-कर्मियों के साथ इकट्ठा थी, तो मैं खुद में सोचने के अलावा और कुछ नहीं कर सकी: मुझे जरूर अच्छा करना चाहिए। अगर मैंने ख़राब ढंग से किया, तो मेरे अगुआ और सह-कर्मी मुझे कैसे देखेंगे? परिणामस्वरूप, जब हम किसी विषय पर एक साथ चर्चा करते थे, तो अगर उस विषय की मुझे मात्र थोड़ी सी भी समझ होती थी, तो मैं सबसे पहले कुछ कहने की कोशिश करती थी, हालाँकि, जब मुझे हाथ के विषय पर कोई समझ नहीं होती थी और मैं कुछ कहने में असमर्थ होती थी, तो मैं खुद में चिंतित हुआ पाती थी।

49. तथाकथित अच्‍छे व्‍यक्ति का असली चेहरा

तथाकथित अच्‍छे व्‍यक्ति का असली चेहरा

केमु, झ़ुमैडियन शहर, हेनन प्रांत
अपने मन में, मैं हमेशा स्वयं को एक अच्‍छी मानवता वाली व्‍यक्ति समझती थी। मुझे ऐसा इसलिए लगता था क्योंकि, मेरे पड़ोसी अक्सर मेरे माता-पिता के सामने मेरी समझदार और अपने परिवार की चिंता करने वाली होने के लिए तारीफ करते थे; कहते थे कि मैं अपने माता-पिता की आँखों का तारा हूँ। विवाह के बाद, मेरे ससुराल के लोग पड़ोसियों के सामने मेरे दयालु और संतानोचित होने के लिए प्रशंसा करते थे।

51. मैंने परमेश्वर के उद्धार का अनुभव किया

मैंने परमेश्वर के उद्धार का अनुभव किया

चेंग हाओ, योंगझाऊ शहर, हुनान प्रांत
परमेश्वर की कृपा से, हमारे कर्तव्यों को पूरा करने के लिए, मेरी पत्नी और मुझे सुसमाचार के दल के द्वितीय-क्रम में पदोन्नत किया गया था। कुछ समय पहले, मेरी पत्नी को एक दल का निदेशक पदोन्नत किया गया था, जबकि, अपने घमंडी और अनियंत्रित व्यवहार के कारण मैंने पवित्र आत्मा के कार्य को गँवा दिया और मुझे अपने कृत्यों पर चिंतन करने के लिए घर भेज दिया गया था।