वचन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
वचन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

केवल शोधन का अनुभव करने के द्वारा ही मनुष्य सच्चाई के साथ परमेश्वर से प्रेम कर सकता है

शोधन के दौरान मनुष्य को परमेश्वर से प्रेम कैसे करना चाहिए? शोधन का अनुभव करने के बाद, और शोधन के दौरान लोग सच्चाई के साथ परमेश्वर की प्रशंसा कर सकते हैं और यह देख सकते हैं कि उनमें कितनी घटी है। जितना बड़ा तुम्हारा शोधन होता है, उतना ही अधिक तुम शरीर को त्याग सकते हो; जितना बड़ा उनका शोधन होता है, परमेश्वर के प्रति लोगों का प्रेम उतना ही अधिक होता है। तुम लोगों को यह बात समझनी चाहिए।

केवल परमेश्वर को प्रेम करना ही वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करना है

आज, जब तुम लोग परमेश्वर को जानने और प्रेम करने की कोशिश करते हो, तो एक ओर तुम लोगों को अवश्य कठिनाई और शुद्धिकरण को झेलना चाहिए और दूसरी ओर, तुम लोगों को एक क़ीमत अवश्य चुकानी चाहिए। परमेश्वर को प्रेम करने के सबक से ज्यादा गहरा कोई सबक नहीं है, और ऐसा कहा जा सकता है कि जीवन भर के विश्वास से लोग जिस सबक को सीखते हैं वह है कि परमेश्वर को किस प्रकार से प्रेम करें। कहने का अर्थ है यदि तुम परमेश्वर पर विश्वास करते हो तो तुम्हें उससे प्रेम अवश्य करना चाहिए।

Hindi Christian Movie | तोड़ डालो अफ़वाहों की ज़ंजीरें | Welcome the Return of the Lord Jesus

Hindi Christian Movie | तोड़ डालो अफ़वाहों की ज़ंजीरें | Welcome the Return of the Lord Jesus



2000 साल पहले, जब प्रभु यीशु ने छुटकारे का कार्य किया था, तब उन्हें यहूदी धार्मिक समुदाय के ऊटपटाँग लांछनों और निंदा को झेलना पड़ा था। यहूदी नेताओं ने रोमन सरकार के साथ साँठ-गाँठ कर उन्‍हें सूली पर चढ़ा दिया था। अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर – देहधारण कर लौटे हुए प्रभु यीशु – न्याय का कार्य करने के लिए चीन पहुँच गये हैं। इस बार एक बार फिर, वे, चीनी कम्‍युनिस्‍ट सरकार और धार्मिक दुनिया के हाथों, उन्मत्त निंदा, दमन और गिरफ़्तारी का सामना कर रहे हैं । सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को आंकने और बदनाम करनेवाली व्यापक अफवाहें और भ्रांतियां एक अदृश्य मायाजाल की तरह हैं, जो असंख्‍य विश्वासियों के आगे परदा डालकर उन पर नियंत्रण करती हैं। इतिहास की त्रासदी स्‍वयं को दोहराती है ...

जब यीशु लौटेगा तो वह वास्तव में क्या कार्य करेगा?

जब यीशु लौटेगा तो वह वास्तव में क्या कार्य करेगा?

उत्तर परमेश्वर के वचन से:
यद्यपि यीशु ने मनुष्यों के बीच अधिक कार्य किया है, उसने केवल समस्त मानवजाति के छुटकारे के कार्य को पूरा किया और वह मनुष्य की पाप-बलि बना, मनुष्य को उसके भ्रष्ट स्वभाव से छुटकारा नहीं दिलाया। शैतान के प्रभाव से मनुष्य को पूरी तरह बचाने के लिये यीशु को न केवल पाप-बलि के रूप में मनुष्यों के पापों को लेना आवश्यक था, बल्कि मनुष्य को उसके भ्रष्ट स्वभाव से पूरी तरह मुक्त करने के लिए परमेश्वर को और भी बड़े कार्य करने की आवश्यकता थी जिसे शैतान द्वारा भ्रष्ट कर दिया गया था।

अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग चार)



अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II" (भाग चार)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं "हम यहाँ पर आदर्श वचनों को पढ़ते हैं जिन्हें अय्यूब के द्वारा बोला गया था, ऐसे वचन जो इस बात का प्रमाण हैं कि उसने शैतान पर विजय पा लिया था। उसने कहा, "मैं अपनी माँ के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊँगा।" यह परमेश्वर के प्रति अय्यूब की आज्ञाकारिता की मनोवृत्ति है। इसके आगे, फिर उसने कहा: "यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।"

Hindi Christian Video "बाइबल से बाहर निकलें" (2) - क्या हम बाइबल से बंधे रहकर अनंत जीवन पा सकते हैं?



Hindi Christian Video clip "बाइबल से बाहर निकलें" (2) - क्या हम बाइबल से बंधे रहकर अनंत जीवन पा सकते हैं?


अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपना न्याय का कार्य करते हैं, और अनंत जीवन का मार्ग लेकर आते हैं, और अंत के दिनों के मसीह द्वारा व्यक्त सत्य को स्वीकार करके ही हम अनंत जीवन पा सकते हैं। फिर भी धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर्स कहते हैं कि जीवन बाइबल के भीतर ही है, और जब तक हम बाइबल से जुड़े रहेंगे हम अनंत जीवन को पा सकेंगे।

मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, अद्वितीय VII (II) परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है" (भाग दो)



अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, अद्वितीय VII (II) परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है" (भाग दो)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर उन नियमों का स्वामी है जो विश्व को नियन्त्रित करते हैं, वह उन नियमों को नियन्त्रित करता है जो सभी प्राणियों के जीवित बचे रहने पर शासन करते हैं, और वह कुछ इस तरह संसार एवं सभी चीज़ों को भी नियन्त्रित करता है कि वे एक साथ मिलकर रह सकते हैं; और इसे ऐसा बनता है ताकि वे विलुप्त या गायब न हों ताकि मानवजाति निरन्तर अस्तित्व में रह सके, और मनुष्य परमेश्वर के नेतृत्व के माध्यम से एक ऐसे वातावरण में रह सकता है। ये नियम जो सभी चीज़ों पर शासन करते हैं वे परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन हैं; फिर भी, मानवजाति हस्तक्षेप नहीं कर सकती है और इन्हें बदल नहीं सकती है, केवल स्वयं परमेश्वर ही इन नियमों को जानता है और वह स्वयं ही इनका प्रबंध करता है।"
और पढ़ें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन-Hindi Christian Movie

Hindi Christian Song | देह में काम करके ही परमेश्वर इंसान को हासिल कर सकता है


Hindi Christian Song | देह में काम करके ही परमेश्वर इंसान को हासिल कर सकता है


देह में काम करके ही परमेश्वर इंसान को हासिल कर सकता है व्यवहारिक परमेश्वर के वचनों से, इंसान की कमज़ोरियों और विद्रोह का फैसला और प्रकाशन होता है। इंसान को जो चाहिये उसे मिलता है। परमेश्वर आया है इंसानी दुनिया में, वो देखता है। लक्ष्य है व्यवहारिक परमेश्वर के काम का, शैतान के असर से, पंक से, हर एक को बचाना, दूषित किया शैतान ने जिसे उन्हें उस स्वभाव से छुड़ाना।

Hindi Christian Short Film “नूह का समय आ चुका है” | The Ark of the Last Days



Hindi Christian Short Film “नूह का समय आ चुका है” | The Ark of the Last Days



आओ नूह के युग के दौरान की मानवता पर पीछे मुड़कर देखते हैं। मनुष्य सभी प्रकार की दुष्ट गतिविधियों में संलग्न था और पश्चाताप करने के लिए उसने विचार भी नहीं किया। किसी ने भी परमेश्वर के वचन को नहीं सुना। उनकी कठोरता तथा बुराई ने परमेश्वर के क्रोध को बढ़ाया और अंत में, वे एक भयंकर बाढ़ की आपदा द्वारा निगल लिये गये। केवल नूह तथा उसके आठ लोगों के परिवार ने परमेश्वर के वचन को सुना और बच पाने में सफल रहे। अब, अंत के दिन पहले ही आ चुके हैं। मानवता का भ्रष्टाचार और ज्यादा गहरा होता जा रहा है। हर कोई दुष्‍टता की पूजा कर रहा है। सम्पूर्ण धार्मिक जगत, संसार की धारा का अनुसरण कर रहा है। वे सत्य से थोड़ा सा भी प्रेम नहीं करते। नूह के दिन पहले से ही आ चुके हैं! मानवता को बचाने के लिए, मानवता के बीच अंत के दिनों के न्याय के कार्य करने के लिए, परमेश्वर एक बार फिर वापस आ गये हैं। यह आखिरी बार है जब परमेश्वर मनुष्य को बचायेंगे! मानवता को क्या चुनना चाहिए? यह एक सच्ची कहानी है। चूंकि, सिचुआन प्रांत में किंगपिंग जिले के नागरिकों ने बार-बार सर्वशक्तिमान परमेश्वर के राज्य के सुसमाचार को स्वीकार करने से मना कर दिया है, इसलिए उन्हें आपदा के दो उदाहरणों को झेलना पड़ा है।