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14. जिन लोगों ने अनेक वर्षों तक प्रभु यीशु में विश्वास किया है और उत्साह के साथ स्वयं को खपा कर अथक काम किया है, उन्होंने प्रभु के लिए बहुत दुख सहे हैं। क्या ऐसा हो सकता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार न करने के कारण उनका उद्धार न किया जाए और उन्हें स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न मिले?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ से कहेंगे, 'हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से भविष्यद्वाणी नहीं की, और तेरे नाम से दुष्‍टात्माओं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहुत से आश्‍चर्यकर्म नहीं किए?' तब मैं उनसे खुलकर कह दूँगा, 'मैं ने तुम को कभी नहीं जाना। हे कुकर्म करनेवालो, मेरे पास से चले जाओ'" (मत्ती 7:21-23)।

अंतिम दिनों में परमेश्वर के न्याय का कार्य महान श्वेत सिंहासन का न्याय है, जिसकी प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में भविष्यवाणी की गई है।

अंतिम दिनों में परमेश्वर के न्याय का कार्य महान श्वेत सिंहासन का न्याय है, जिसकी प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में भविष्यवाणी की गई है।
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्‍वर के लोगों का न्याय किया जाए" (1पतरस 4:17)।
"फिर मैं ने एक बड़ा श्‍वेत सिंहासन और उसको, जो उस पर बैठा हुआ है, देखा; उसके सामने से पृथ्वी और आकाश भाग गए, और उनके लिये जगह न मिली। फिर मैं ने छोटे बड़े सब मरे हुओं को सिंहासन के सामने खड़े हुए देखा, और पुस्तकें खोली गईं; और फिर एक और पुस्तक खोली गई, अर्थात् जीवन की पुस्तक; और जैसा उन पुस्तकों में लिखा हुआ था, वैसे ही उनके कामों के अनुसार मरे हुओं का न्याय किया गया। समुद्र ने उन मरे हुओं को जो उसमें थे दे दिया, और मृत्यु और अधोलोक ने उन मरे हुओं को जो उनमें थे दे दिया; और उन में से हर एक के कामों के अनुसार उनका न्याय किया गया। मृत्यु और अधोलोक आग की झील में डाले गए। यह आग की झील दूसरी मृत्यु है; और जिस किसी का नाम जीवन की पुस्तक में लिखा हुआ न मिला, वह आग की झील में डाला गया।" (प्रकाशितवाक्य 20:11-15)।

अंतिम दिनों में अपने न्याय के कार्य को करने के लिए परमेश्वर मनुष्य का उपयोग क्यों नहीं करता, इसके बजाय उसे देह-धारण कर, स्वयं इसे क्यों करना पड़ता है


अंतिम दिनों के मसीह,वचन देह में प्रकट होता है
सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-परमेश्वर के देह-धारण से सम्बंधित सत्य के पहलू पर हर किसी को गवाही देनी चाहिए
4. अंतिम दिनों में अपने न्याय के कार्य को करने के लिए परमेश्वर मनुष्य का उपयोग क्यों नहीं करता, इसके बजाय उसे देह-धारण कर, स्वयं इसे क्यों करना पड़ता है?
संदर्भ के लिए बाइबल के पद:
"जैसा पिता मरे हुओं को उठाता और जिलाता है, वैसा ही पुत्र भी जिन्हें चाहता है उन्हें जिलाता है" (युहन्ना 5:22)।
"वरन् उसे न्याय करने का भी अधिकार दिया है, इसलिये कि वह मनुष्य का पुत्र है" (युहन्ना 5:27)।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपनी 6,000 वर्षों कीप्रबंधन योजना के रहस्यों को प्रकट करते हैं।


सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपनी 6,000 वर्षों कीप्रबंधन योजना के रहस्यों को प्रकट करते हैं।



प्रभु यीशु ने स्वर्ग के साम्राज्य के रहस्यों को प्रकट किया, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर मानवजाति के बारे में परमेश्वर के 6,000-वर्षीय प्रबंधन के सभी रहस्यों को उजागर करने आए! सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने जिन रहस्यों को ज्ञात कराया है उन्हें देखते हुए क्या आप यह महसूस कर सकते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु यीशु के दूसरे आगमन हैं? यह मूवी क्लिप देखें!

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – हम परमेश्वर की वाणी को अलग से कैसे पहचान सकते हैं? (2)


Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – हम परमेश्वर की वाणी को अलग से कैसे पहचान सकते हैं? (2)


"जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है" (प्रकाशित वाक्य 2:29)। क्या आपने पवित्र आत्मा को कलीसियाओं से बात करते सुना है? क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु द्वारा कहे गए वचन एक ही आत्मा, एक ही स्रोत से बोले गए हैं? इस मूवी क्लिप से आपको इस बात का खुलासा हो जाएगा!

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – हम परमेश्वर की वाणी को अलग से कैसे पहचान सकते हैं? (1)


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"जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है" (प्रकाशित वाक्य 2:29)। क्या आपने पवित्र आत्मा को कलीसियाओं से बात करते सुना है? क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु द्वारा कहे गए वचन एक ही आत्मा, एक ही स्रोत से बोले गए हैं? इस मूवी क्लिप से आपको इस बात का खुलासा हो जाएगा!

Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – उन लोगों का अंत जो प्रभु के दूसरे आगमन का प्रतिरोध करते हैं


Hindi Gospel Movie clip "प्रतीक्षारत" – उन लोगों का अंत जो प्रभु के दूसरे आगमन का प्रतिरोध करते हैं



वह भला कैसे प्रभु को प्रकट होते देख सकता है और उसके बावजूद प्रभु के दूसरे आगमन से इन्कार कर सकता है? यह कैसे हो सकता है कि वह हमेशा प्रभु के आगमन का ध्यान रखे और प्रतीक्षा करे, किन्तु अपनी मृत्यु के समय अपने पीछे जीवन भर का पछतावा छोड़ जाए? इस मूवी क्लिप में आपको इसका उत्तर मिलेगा।

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

केवल वे ही लोग स्वर्ग के साम्राज्य में प्रवेश करने योग्य हैं जो परमेश्वर की इच्छा का पालन करेंगे।


केवल वे ही लोग स्वर्ग के साम्राज्य में प्रवेश करने योग्य हैं जो परमेश्वर की इच्छा का पालन करेंगे।


स्वर्ग के साम्राज्य में किस तरह के व्यक्ति का आरोहणहोगा? प्रभु यीशु ने कहा है: "जो मुझसे,‘हे प्रभु! हे प्रभु! कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)। लेकिन कुछ लोग यह मानते हैं कि स्वर्गिक पिता की इच्छा के अनुसार कार्य करने का अर्थ केवल प्रभु के नाम के प्रति निष्ठावान होना, श्रमपूर्वक उसकी सेवा करना और सलीब धारण करने की पीड़ा सहना है, और यदि हम यह सब कार्य करेंगे, तो स्वर्ग के साम्राज्य में आरोहित होने के लिए हमें केवल इसी तरह प्रभु के दूसरे आगमन को देखने और प्रतीक्षा करने की जरूरत है। क्या ये विचार प्रभु की अपेक्षाओं के अनुरूप हैं? इस क्लिप से आप यह बात जानेंगे।