बाइबल की हर चीज़ परमेश्वर के द्वारा व्यक्तिगत रूप से बोले गए वचनों का लिखित दस्तावेज़ नहीं है। बाइबल सामान्यतः परमेश्वर के कार्य की पिछली दो अवस्थाओं का आलेख करती है, उसमें से एक भाग है जो पैग़म्बरों की भविष्यवाणियों का लिखित दस्तावेज़ है, और एक भाग वह अनुभव और ज्ञान है जिन्हें युगों के दौरान उन लोगों के द्वारा लिखा गया था जिन्हें परमेश्वर के द्वारा इस्तेमाल किया गया था। मानवीय अनुभवों को मानवीय अनुमानों और ज्ञान के साथ दूषित किया गया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। बाइबल की बहुत सी पुस्तकों में मानवीय धारणाएँ, मानवीय पक्षपात, और मनुष्यों के बेतुके अनुवाद हैं। हाँ वास्तव में, बहुत सारे वचन पवित्र आत्मा के प्रकाशन और अलौकिक ज्ञान का परिणाम हैं और वे सही अनुवाद हैं - फिर भी यह अभी नहीं कहा जा सकता है कि वे पूरी तरह सत्य की सही अभिव्यक्ति हैं।
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बाइबल के विषय में (2)
बाइबल को पुराना नियम और नया नियम भी कहते हैं। क्या तुम लोग जानते हो कि "नियम" किसे संदर्भित करता है? "पुराने नियम" में "नियम" इस्राएल के लोगों के साथ बांधी गई परमेश्वर की वाचा से आता है जब उसने मिस्रियों को मार डाला था और इस्राएलियों को फिरौन से बचाया था। हाँ वास्तव में, मेमने का लहू इस वाचा का प्रमाण था जिसे दरवाज़ों की चैखट के ऊपर पोता गया था, जिसके द्वारा परमेश्वर ने मनुष्य के साथ एक वाचा बांधी थी, एक ऐसी वाचा जिसमें कहा गया था कि वे सभी लोग जिनके दरवाज़ों के ऊपर और अगल बगल मेमने का लहू लगा हुआ हो वे इस्राएली हैं, वे परमेश्वर के चुने हुए लोग हैं, और उन सभी को परमेश्वर के द्वारा बख्श दिया जाएगा (क्योंकि यहोवा उस समय मिस्र के पहिलौठे पुत्रों और भेड़ों और पशुओं के पहिलौठों को मारने ही वाला था)। इस वाचा में दो स्तर के अर्थ हैं।
बाइबल के विषय में (1)
परमेश्वर में विश्वास करते हुए बाइबल के समीप कैसे जाना चाहिए? यह एक सैद्धांतिक प्रश्न है। हम इस प्रश्न पर संवाद क्यों कर रहे हैं? क्योंकि तुम भविष्य में सुसमाचार को फैलाओगे और राज्य के युग के कार्य का विस्तार करोगे, और इसलिए आज मात्र परमेश्वर के कार्य के बारे में बात करने के योग्य होना ही काफी नहीं है। उसके कार्य का विस्तार करने के लिए, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि तुम लोगों की पुरानी धार्मिक अवधारणाओं और विश्वास के पुराने माध्यमों का समाधान करने के योग्य बनो, और उन्हें पूरी तरह आश्वस्त करके ही छोड़ो—और उस स्थिति तक आने में बाइबल शामिल है। बहुत सालों से, लोगों के विश्वास का परम्परागत माध्यम (दुनिया के तीन मुख्य धर्मों में से एक, मसीहियत के विषय में) बाइबल पढ़ना ही रहा है; बाइबल से दूर जाना प्रभु में विश्वास नहीं है, बाइबल से दूर जाना एक पाषंड और विधर्म है, और यहाँ तक कि जब लोग अन्य पुस्तकों को पढ़ते हैं, तो इन पुस्तकों की बुनियाद, बाइबल की व्याख्या ही होनी चाहिए।
"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - हमेशा आगे बढ़ता परमेश्वर का प्रबंधन
"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - हमेशा आगे बढ़ता परमेश्वर का प्रबंधन
जब मानवजाति के पूर्वजों, आदम और हव्वा को शैतान ने दूषित कर दिया तो परमेश्वर ने इंसान के उद्धार के लिये अपना प्रबंधन आरंभ किया, तब से लेकर उसने अनवरत कार्य किया है: परमेश्वर ने इंसानों के मार्गदर्शन के लिए लिये नियम बनाए, और सूली पर चढ़ाए जाने के लिये वह स्वयं लोगों के मध्य आया, और अंत के दिनों में परमेश्वर ने बाइबल की भविष्यवाणियों को पूरा करते हुए, अपना कार्य जारी रखा है: "क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ" (यूहन्ना 14:2)। (© BSI) "देख, मैं शीघ्र आनेवाला हूँ; और हर एक के काम के अनुसार बदला देने के लिये प्रतिफल मेरे पास है" (प्रकाशितवाक्य 22:12)। (© BSI)
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"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - संयुक्त राज्य अमेरिका का उदय और इसका ध्येय
"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - संयुक्त राज्य अमेरिका का उदय और इसका ध्येय
स्वतंत्रता, लोकतंत्र और समानता के अपने संस्थापक सिद्धांतों का पालन करते हुए... अमेरिका ने दुनिया के हालात को मज़बूत करने और एक संतुलन बनाने के लिये एक अहम भूमिका निभाई है। विश्व-स्थिति को सुरक्षा देने और उसे मज़बूत बनाने वाली उसकी भूमिका अचल और अटल है।
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Hindi Christian Documentary "वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - रोमन साम्राज्य का उदय और पतन
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प्राचीन रोमन साम्राज्य की स्थापना और उदय ईसाई धर्म के प्रसार के लिए हुआ था। ईसाई धर्म को राष्ट्रीय धर्म बनाने के साथ इसका स्वर्ण युग आरंभ हुआ था। और ईसाईयों पर अत्याचार करने के कारण ये तबाह हो गया था। ... रोमन साम्राज्य के उदय और पतन के पीछे कारणों को जानने के लिये इस ईसाई फिल्म क्लिप को देखें।
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"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - परमेश्वर का पृथ्वी पर आना और एक पाप बलि बनना
"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - परमेश्वर का पृथ्वी पर आना और एक पाप बलि बनना
अनुग्रह के युग में, प्रभु यीशु लोगों के बीच आया और उन्हीं की खातिर उसे सूली पर चढ़ाया गया। उसने लोगों को व्य्वस्था के बंधन से मुक्त किया और पापबलि के कारण इंसान ने प्रभु के प्रेम और दया का आनंद लिया.... प्रभु के आगमन के कारण इंसान का पदार्पण एक नए युग में हुआ। इसी दौरान, इससे परमेश्वर और इंसान के रिश्ते बेहतर हुए और इंसानों के बीच परमेश्वर के प्रबंधन कार्य के लिए एक नई शुरुआत, एक नया सूत्रपात हुआ।
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"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - इस्राएलियों के लिए परमेश्वर का वादा
"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - इस्राएलियों के लिए परमेश्वर का वादा
सैंकड़ों सालों तक न्याय-व्यवस्था से बंधे रहने के बाद, व्यवस्था से भटकने के कारण, इस्राएलियों को आखिरकार न्याय द्वारा दण्डित होने और मौत के घाट उतार दिये जाने के जोखिम का सामना करना पड़ा। उन्होंने तुरंत परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने उनसे एक वादा किया—ऐसा वादा जो उनकी नियति और अस्तित्व को बदल देगा। तो यह वादा आखिर क्या था? इस प्रश्न का उत्तर इस भव्य ईसाई फिल्म क्लिप ‘इस्राएलियों को परमेश्वर का वादा ’ में दिया गया है।
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"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - परमेश्वर इस्राएलियों को मिस्र से बाहर ले जा रहा है
"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - परमेश्वर इस्राएलियों को मिस्र से बाहर ले जा रहा है
इस्राएलियों को मिस्र से बाहर ले जाने के लिये परमेश्वर ने मिस्र में दस महामारियाँ भेजीं, अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए, समुद्रों को दो भागों में बाँट दिया, और इस्राएलियों को उनके दास-जीवन से मुक्ति दिलाई—इन सबसे परमेश्वर की प्रबल सामर्थ्य प्रकट हुई और इसने परमेश्वर के चुने लोगों के लिये उसके विशाल प्रेम और सरोकार का संदेश दिया।
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"वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - परमेश्वर द्वारा सदोम और अमोरा का विनाश
Hindi Christian Video "वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" क्लिप - परमेश्वर द्वारा सदोम और अमोरा का विनाश
दुष्टता और व्यभिचार में आकंठ डूबे दो बड़े शहर, सोदोम और गोमोरा ने परमेश्वर के स्वभाव को ललकारा। परमेश्वर ने आकाश से गंधकाश्म और अग्नि की बारिश कर, दोनों शहरों और वहाँ के निवासियों को नष्ट कर दिया जिससे उनका अस्तित्व पूर्णत: समाप्त हो गया... ईसाई फिल्म क्लिप 'परमेश्वर द्वारा सोदोम और गोमोरा का विनाश' देखकर आपको परमेश्वर के रोषपूर्ण और अलंघनीय स्वभाव का और आने वाली पीढ़ियों के लिये चेतावनी का ज्ञान होगा।
वीडियो देखें: Please enjoy the Hindi prayer song, you will understand the ways to pray.
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