परमेश्वर के वचन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
परमेश्वर के वचन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

2. धार्मिक दुनिया का मानना है कि सभी शास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से दिए गए हैं और ये सब परमेश्वर के ही वचन हैं; इस कथन के प्रति हर किसी को क्या विवेक रखना चाहिए?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:
बाइबल की हर चीज़ परमेश्वर के द्वारा व्यक्तिगत रूप से बोले गए वचनों का लिखित दस्तावेज़ नहीं है। बाइबल सामान्यतः परमेश्वर के कार्य की पिछली दो अवस्थाओं का आलेख करती है, उसमें से एक भाग है जो पैग़म्बरों की भविष्यवाणियों का लिखित दस्तावेज़ है, और एक भाग वह अनुभव और ज्ञान है जिन्हें युगों के दौरान उन लोगों के द्वारा लिखा गया था जिन्हें परमेश्वर के द्वारा इस्तेमाल किया गया था। मानवीय अनुभवों को मानवीय अनुमानों और ज्ञान के साथ दूषित किया गया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

सत्‍य को सचमुच स्‍वीकार करना क्‍या है?

सत्‍य को सचमुच स्‍वीकार करना क्‍या है?

शियाओहे पुयांग शहर, हेनान प्रांत
अतीत में, हर समय जब मैं परमेश्‍वर द्वारा प्रकट उस वचन के बारे में पढ़ता था कि कैसे लोग सत्‍य को स्‍वीकार नहीं करते हैं, तो मैं यह विश्‍वास नहीं करता था कि वे वचन मुझ पर भी लागू होते हैं। मैं परमेश्वर के वचन को खाने और पीने तथा परमेश्वर के वचन का संवाद करने का आनन्द लेता था, मैं परमेश्‍वर के द्वारा कही गई हर बात को स्वीकार और अंगीकार करने में समर्थ था—इस बात की परवाह किए बिना कि यह मेरे हृदय को कितनी चुभती है या यह मेरी अवधारणओं के अनुरूप नहीं है।