अंतिम दिनों के मसीह के कथन "परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव ,र स्वयं परमेश्वर III" (भाग दो के क्रम में)
सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "उसके कार्य में कोई निषेधात्मकता नहीं है, और किसी मनुष्य, चीज़ या पदार्थ के द्वारा उसे बाध्य नहीं किया जाएगा, और उसे किसी प्रचण्ड शक्ति के द्वारा छिन्न भिन्न नहीं किया जाएगा। अपने इस नए कार्य में, वह सर्वदा के लिए एक विजयी राजा है, और किसी भी प्रकार की प्रचण्ड ताकतों और झूठी शिक्षाओं और मानव की अशुद्धियों को उसके चरणों की चौकी के नीचे कुचल दिया गया है। इस से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वह अपने कार्य के किस नए स्तर पर काम कर रहा है, इसे मानव जाति के बीच में विकसित एवं विस्तारित करना होगा, उसे समूचे विश्व में तब तक बिना किसी बाधा के पूरा करना होगा जब तक उसका महान कार्य पूर्ण ना हो जाए। यह परमेश्वर की सर्वसामर्थता और बुद्धिमत्ती है, और उस का अधिकार और सामर्थ है।"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें