अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV परमेश्वर की पवित्रता (I)" (भाग दो)



अंतिम दिनों के मसीह के कथन "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV परमेश्वर की पवित्रता (I)" (भाग दो)


सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "परमेश्वर किसी व्यक्ति के लिए कार्य करता है और उसकी देखभाल करता है, किसी व्यक्ति पर नज़र रखता है, और शैतान उसके हर एक कदम का करीब से पीछा करता है।
परमेश्वर किसी पर भी अनुग्रह करता है, तो शैतान भी पीछे पीछे चलते हुए नज़र रखता है। यदि परमेश्वर को यह व्यक्ति चाहिए, तो शैतान परमेश्वर को रोकने के लिए अपने सामर्थ्य में सब कुछ करेगा, वह विभिन्न बुरे तरीकों का इस्तेमाल करता है ताकि वह कार्य जिसे परमेश्वर ने किया है उसे भरमाए, परेशान और तबाह करे जिससे वह अपने छिपे हुए उद्देश्य को हासिल कर सके। उसका उद्देश्य क्या है? वह नहीं चाहता है कि परमेश्वर के पास कोई हो; उसे वे सभी लोग चाहिए जिन्हें परमेश्वर चाहता है, ताकि वह उन पर कब्जा करे, उनका नियन्त्रण करे, उनका आदेश ले जिससे वे उसकी आराधना करें, जिससे वे उसके साथ रहते हुए बुरे कार्य करें। क्या यह शैतान का भयानक इरादा नहीं है?......शैतान परमेश्वर के साथ युद्ध में है, उसके पीछे पीछे चलता रहता है। उसका उद्देश्य परमेश्वर के समस्त कार्य को नष्ट करना है जिसे परमेश्वर करना चाहता है, उन लोगों पर कब्जा एवं नियन्त्रण करना है जिन्हें परमेश्वर चाहता है, उन लोगों को पूरी तरह से मिटा देना है जिन्हें परमेश्वर चाहता है। यदि उन्हें मिटाया नहीं जाता है, तो वे शैतान के द्वारा उपयोग होने के लिए उसके कब्जे में आ जाते हैं—यह उसका उद्देश्य है।"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें