सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: "......परमेश्वर के प्रभुत्व और शासन के अधीन, मानवजाति और सभी चीज़ें एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, एक दूसरे पर निर्भर हैं, और आपस में एक दूसरे से गुथे हुए हैं। यह परमेश्वर के द्वारा सभी चीज़ों की सृष्टि का उद्देश्य और महत्व है।"
"स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII"" से"

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