परमेश्वर के वचन हैं, कभी न बदलने वाले सत्य

  • I
  • परमेश्वर के वचन हैं, कभी न बदलने वाले सत्य।
  • प्रभु दाता हैं जीवन के, बस वो ही रहनुमा हैं इन्सां के।
  • उनके सार तय करते हैं प्रभु के वचनों की कीमत और माने,
  • ना कि इंसान उन्हें माने या ना माने।
  • अगर ना भी समझे कोई इन्सां, अहमियत उन वचनों की,
  • इंसान के लिए उनकी कीमत और मदद अपार है।
  • परमेश्वर के वचन हैं, कभी न बदलने वाले सत्य।
  • प्रभु दाता हैं जीवन के, बस वो ही रहनुमा हैं इन्सां के।
  • II
  • जो करते हैं ख़िलाफ़त और अपमान वचनों का,
  • उनके लिये परमेश्वर बस इतना कहते हैं:
  • वक्त और सच्चाइयां परमेश्वर की गवाह होंगी,
  • जो दिखलाएंगे वचन उनके हैं सत्य, राह और जीवन;
  • दिखलाएंगे कहा जो भी प्रभु ने सत्य है,
  • इसे ही इंसां को संजो लेना और मान लेना चाहिए।
  • परमेश्वर के वचन हैं, कभी न बदलने वाले सत्य।
  • प्रभु दाता हैं जीवन के, बस वो ही रहनुमा हैं इन्सां के।
  • III
  • प्रभु को मानते हैं जो, प्रभु चाहते हैं वो जानें:
  • वो इंसां जो ना स्वीकारें वचन उनके
  • या अपने कामों के ज़रिये ना करें उन्हें पूरा,
  • जो इन्सां ख़ोज ना पाये कोई मकसद,
  • या हो नाकाम पाने में उद्धार उनके वचनों में,
  • यही वो लोग हैं सारे, निंदा हुई जिनकी परमेश्वर के वचनों में।
  • परमेश्वर की मुक्ति से वो रह गये वंचित।
  • उनके लिये प्रभु का दण्ड कभी ज़्यादा दूर ना होगा।
  • परमेश्वर के वचन हैं, कभी न बदलने वाले सत्य।
  • प्रभु दाता हैं जीवन के, बस वो ही रहनुमा हैं इन्सां के।
  • परमेश्वर के वचन हैं, कभी न बदलने वाले सत्य।
  • प्रभु दाता हैं जीवन के, बस वो ही रहनुमा हैं इन्सां के।
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  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
                                                           Source From :सर्वशक्तिमान परमेश्वर चमकती पूर्वी बिजली परमेश्वर

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